हमारी साझी विरासत

जल और परिश्रम की साझी विरासत का महासंघ

केवट, माझी, रैकवार, धीमर, मल्लाह और निषाद समुदायों की सांस्कृतिक एकता और उत्थान को समर्पित, यह महासंघ समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है।

प्रेरक यात्रा

पारंपरिक जड़ों से सशक्त भविष्य तक

नदी तटीय समुदायों की पीढ़ियों पुरानी परंपराओं को सहेजते हुए, महासंघ ने तहसील से लेकर राज्य स्तर तक संगठनात्मक एकता की मिसाल कायम की है। हमारा इतिहास परिश्रम, संघर्ष और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

शिक्षा, स्वावलंबन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे बुजुर्गों और युवाओं ने मिलकर जिस नींव को मजबूत किया है, आज वह पूरे समाज के लिए मार्गदर्शक बन चुकी है।

मूल उद्देश्य

हमारे चार वैचारिक स्तंभ

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शिक्षा एवं छात्र उत्थान

मातृशक्ति स्वावलंबन

संवैधानिक अधिकार

युवा मार्गदर्शन

मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षा के अवसर प्रदान करना।

महिलाओं के लिए स्वरोजगार कार्यशालाएं और स्व-सहायता समूहों का गठन।

मांझी आरक्षण और सामाजिक न्याय के लिए प्रशासनिक और कानूनी संघर्ष।

युवाओं के लिए रोजगार परामर्श, कौशल विकास और नेतृत्व प्रशिक्षण।

संगठन का नेतृत्व और प्रशासनिक इकाइयां

प्रदेश, जिला और तहसील स्तर के निर्वाचित पदाधिकारियों से संपर्क करें।