संवैधानिक अधिकार व ज्ञापन

संवैधानिक समानता और पुश्तैनी अधिकारों की रक्षा

मांझी, धीमर, कश्यप और केवट समुदायों के ऐतिहासिक अधिकारों, नदी पट्टा संरक्षण और अनुसूचित सूची के अंतर्गत विधिक समावेश के लिए निरंतर प्रशासनिक संघर्ष।

15+

जिला ज्ञापन

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प्रमुख याचिकाएं

100%

शांतिपूर्ण संघर्ष

आधारभूत तर्क

पारंपरिक आजीविका, नदी संसाधन और सांस्कृतिक स्वायत्तता हमारे मौलिक अधिकार हैं जो संविधान के दायरे में सुरक्षित किए जाने चाहिए।

हालिया प्रस्तुतियां

शासन और राजभवन को सौंपे गए मुख्य ज्ञापन

ज्ञापन - 01
ज्ञापन - 02
ज्ञापन - 03

मांझी आरक्षण विधिक संशोधन

नदी घाट और पट्टा अधिकार

शैक्षणिक व छात्रवृत्ति सुरक्षा

राज्य सूची में जातियों के समुचित वर्गीकरण और केंद्रीय अनुसूची में समावेश हेतु महामहिम राज्यपाल महोदय को प्रेषित विस्तृत ज्ञापन।

पारंपरिक नाविकों और मल्लाह समुदायों के लिए नदी तटों के व्यावसायिक उत्खनन व संचालन में प्राथमिकता सुनिश्चित करने का अनुरोध।

आर्थिक रूप से पिछड़े मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रावधान और तकनीकी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का अनुपालन।

अधिकार चेतना सम्मेलनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं

तहसील और जिला स्तर पर आयोजित होने वाली बैठकों की तिथियां और रूपरेखा जानने के लिए केंद्रीय कार्यालय से संपर्क करें।